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1947 में भारत बंटवारे का दंश झेलने वाले लाखों लोगों को नमन: केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी

महाराजगंज। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आज अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि वर्ष 1947 में भारत के विभाजन के दौरान हुए सांप्रदायिक दंगों में लाखों लोग विस्थापित हुए थे और बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे। भारत के इतिहास के इस अमानवीय अध्याय को कभी भुलाया नही जा सकता। विभाजन की हिंसा और घृणा ने लाखों लोगों की जान ले ली व असंख्य लोगों को विस्थापित होना पड़ा। आज विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बंटवारे का दंश झेलने वाले लाखों लोगों को नमन करता हूं। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस देश की युवा पीढ़ी को विभाजन के दौरान लोगों द्वारा सही गई यातना एवं वेदना का स्मरण कराएगा और देशवासियों को देश में सदा शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रेरित भी करेगा। पूरा भारत मंगलवार को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाएगा।
कांग्रेस ने धारा 370 को 70 साल तक अपने बच्चे की तरह पाला। उन्होंने कहा कि कहने को यह एक देश का बंटवारा था लेकिन दरअसल यह दिलों का , परिवारों का , रिश्तों का और भावनाओं का बंटवारा था। उन्होंने कहा कि अखंड भारत के आजादी के इतिहास में 14 अगस्त की तारीख आंसुओं से लिखी गई है। यही वह तारीख है जब देश का विभाजन हुआ। 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान और 15 अगस्त 1947 को भारत को पृथक राष्ट्र घोषित कर दिया गया। इस विभाजन में न केवल भारतीय उपमहाद्वीप के दो टुकड़े किए गए बल्कि बंगाल का भी विभाजन किया गया। बंगाल के पूर्वी हिस्से को भारत से अलग कर पूर्वी पाकिस्तान बना दिया गया। यह 1971 के युद्ध के बाद बांग्लादेश बना। कहने को तो इसे देश का बंटवारा कहा गया। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि अंग्रेजो ने फूट डालो और राज करो की नीति अपनाई थी। जिसका अनुसरण उनके मानस पुत्र कांग्रेस में रह कर आज भी कर रहे है। कहा था कि विभाजन के प्रस्ताव को मानना अंग्रेजो और मुस्लिम लीग के सामने आत्म समर्पण करने जैसा है। भारत का विभाजन किसी समुदाय के लिए लाभकारी नही होगा। आज जो कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता की ध्वजवाहक बनने का ढोंग करती है उसी कांग्रेस ने कई साम्प्रदायिक कानूनों को पारित करवाने में अंग्रेजो की मदद की थी। आज देश की जनता ने मन बनाया तो देश का परिदृश्य ही बदल गया। इस अवसर पर जिला संयोजक संजय पांडेय, पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया, नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी, भी मौजूद रहे।